Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 1 मई 2026 : आज बुद्ध पूर्णिमा, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 1 मई 2026 : आज बुद्ध पूर्णिमा, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Capture aaj ka panchang 01 05 2026

Aaj Ka Panchang 01 May 2026

Aaj Ka Panchang 01 May 2026: आज 1 मई 2026 (शुक्रवार) के पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की शुक्ल पूर्णिमा का अत्यंत पावन दिन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के द्वितीय अवतार 'कूर्म' (कछुआ) की जयंती मनाई जाती है, जो हमें जीवन की कठिन परिस्थितियों में स्थिरता और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देती है।

इसके साथ ही, कल 'बुद्ध पूर्णिमा' का पावन पर्व भी है, जिसके कारण इन दोनों दिनों का आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आज आसमान में सिद्धि योग और स्वाति नक्षत्र का अद्भुत संगम बन रहा है। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 1 May 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: शुक्ल पूर्णिमा
मास: वैशाख
दिन: शुक्रवार
संवत्: 2083

तिथि: शुक्ल पूर्णिमा – रात्रि 10:52 बजे तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा
योग: सिद्धि – रात्रि 09:13 बजे तक, फिर साध्य
करण: विष्टि – प्रातः 10:00 बजे तक
करण: बव – रात्रि 10:52 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05:41 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:56 बजे
चंद्रोदय का समय: सायं 06:52 बजे
चंद्रास्त का समय: प्रातः 05:32 बजे (02 मई)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: मेष राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: तुला राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
अमृत काल: सायं 06:56 बजे से रात्रि 08:41 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 10:39 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 07:20 बजे से प्रातः 08:59 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 03:37 बजे से सायं 05:17 बजे तक

आज का नक्षत्र

स्वाति नक्षत्र: रात्रि 04:35 बजे (02 मई) तक, फिर विशाखा
स्वाति नक्षत्र: मुख्य विवरण
स्थान: 6°40’ तुला राशि से 20°00’ तुला राशि तक
नक्षत्र स्वामी: राहु
राशि स्वामी: शुक्रदेव
देवता: वायुदेव (पवन के देवता)
प्रतीक: हवा में झूलता हुआ नया अंकुर
सामान्य विशेषताएं: स्वतंत्र स्वभाव, लचीले, शिष्ट व्यवहार, बुद्धिमान, कुशल प्रशासक, कूटनीतिज्ञ, आत्म-नियंत्रण रखने वाले, कानूनप्रिय, शांतिप्रिय, दयालु, आकर्षक और सुंदर।

कूर्म जयंती 2026

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 30 अप्रैल, रात 09:12 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 01 मई, रात 10:52 बजे
पूजा मुहूर्त: दोपहर 04:17 से शाम 06:56 बजे तक

वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार 'कूर्म' (कछुआ) की जयंती मनाई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जब मंदराचल पर्वत समुद्र में डूबने लगा था, तब श्रीहरि ने कछुए का रूप धारण कर पर्वत को अपनी पीठ पर संभाला था।

इसे 'कच्छपावतार' भी कहा जाता है, जो धैर्य और स्थिरता का प्रतीक है। इस पावन तिथि पर विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान किए जाते हैं। मान्यता है कि कूर्म जयंती पर पूजन करने से जातक के जीवन में स्थिरता आती है और रुके हुए कार्य सिद्ध होते हैं। यह दिन कठिन परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है।